
जामसांवली धाम में भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन, 200 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से सामाजिक समरसता को मिला बढ़ावा, जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्पन्न आयोजन
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर, हनुमान लोक जामसांवली धाम परिसर में बुधवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना अंतर्गत कलेक्टर श्री नीरक कुमार वशिष्ठ के निर्देशानुसार भव्य सामूहिक विवाह सम्मेलन हर्षोल्लास एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। जनपद पंचायत सौसर के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में 200 वर-वधु ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवनभर सुख-दुख में साथ निभाने का संकल्प लिया।

समारोह में पूर्व मंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड, विधायक श्री विजय रेवनाथ चौरे, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री संदीप मोहोड, भाजपा नेता श्री नरेन्द्र परमार, श्री संतोष जैन, श्री रामकृष्णा वाकोडे, श्री मोरेश्वर मर्सकोले, प्रदेश प्रवक्ता श्री अजय धवले, चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर संस्थान अध्यक्ष श्री गोपाल शर्मा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती नीलिमा पाटिल, जनपद अध्यक्ष श्री संजय भूते, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती सुरेखा इंदरचंद्र डागा सहित जनप्रतिनिधि एवं भाजपा संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में एसडीएम सौंसर श्री सिद्धार्थ पटेल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रियांक मिश्रा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

अवसर पर पूर्व मंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे पवित्र आयोजन हमारी संस्कृति एवं सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। विधायक श्री विजय रेवनाथ चौरे ने नवदम्पत्तियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन की हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ निभाएं तथा परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए आदर्श जीवन जिएं।

जिला भाजपा अध्यक्ष श्री संदीप मोहोड ने सम्मेलन को सामाजिक समरसता एवं जनकल्याण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह सुखद अवसर है, जब हनुमान जी को साक्षी मानकर सभी नवविवाहित जोड़े अपने दांपत्य जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब एवं अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने वाली प्रभावी योजना है, जिससे समाज में समानता का भाव सुदृढ़ हो रहा है।
समग्र सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्री चंद्रशेखर गोहिया ने जानकारी दी कि सम्मेलन में विभिन्न परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न कराए गए। हिंदू रीति-रिवाज से पं. प्रमोद चंद्रायाण द्वारा 115 विवाह, आदिवासी समाज पद्धति से भूमका करण धुर्वे द्वारा 68 विवाह तथा बौद्ध रीति से श्री दामोदर सहारे द्वारा 17 विवाह संपन्न कराए गए। इस अवसर पर कोपरावाड़ी के एक दिव्यांग जोड़े का विवाह भी विशेष आकर्षण रहा। सभी नवदम्पत्तियों को विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा पूर्व मंत्री श्री नानाभाऊ मोहोड द्वारा परंपरानुसार नववधुओं को गुंडी उपहार स्वरूप भेंट की गई।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 200 दूल्हों की भव्य बारात रही, जो चमत्कारिक श्री हनुमान मंदिर के प्रवेश द्वार से ढोल-नगाड़ों एवं आतिशबाजी के साथ निकली। इस दौरान जनप्रतिनिधियों एवं युवाओं ने संगीतमय धुनों पर उत्साहपूर्वक नृत्य किया, जिससे पूरा परिसर उत्सवमय हो गया। सम्मेलन में लगभग 10 हजार से अधिक बारातियों ने सहभागिता कर नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद प्रदान किया।
